कार्बन की परमाणु संख्या – 6

कार्बन का प्रतीक       – C

कार्बन की संयोजकता  –  4

भूपर्पटी में खनिजों (कार्बोनेट हाइड्रोजन कार्बोनेट , कोयला , पेट्रोलियम) के रूप में केवल 0.02% कार्बन उपस्थित है तथा वायुमंडल में 0.03% कार्बन डाइऑक्साइड उपस्थित है | प्रकृति में इतनी अल्प मात्रा में है फिर भी कार्बन का बहुत महत्व है |

कार्बन में आबंधन – सहसन्योजी आबंध

दो परमाणुओं के बीच इलेक्ट्रॉन के एक युग्म की साझेदारी के द्वारा बनने वाले आबंध सहसन्योजी आबंध कहलाते हैं |

कार्बन की सर्वतोमुखी प्रकृति :-

सभी जीवों में कार्बन के यौगिक पाये जाते हैं| अन्य सभी तत्वों के यौगिकों को एकसाथ रखने पर भी इनकी संख्या

उन सबसे अधिक है |सहसनयोजी बंध की प्रकृति के कारण कार्बन में बड़ी संख्या में यौगिक बनाने की क्षमता होती है,

यह इसके दो गुणधर्मों के कारण है –

1.शृखंलन:- कार्बन में कार्बन के ही अन्य परमाणुओं के साथ आबंध बनाने

    की अद्वितीय क्षमता होती है जिससे बड़ी संख्या में अणु बनते हैं, इस गुण को शृखंलन कहते हैं |

2.चतुर संयोजकता :- कार्बन की संयोजकता चार होती है | अतः इसमें कार्बन के

चार अन्य परमाणुओं कुछ अन्य परमाणुओं के तत्वों के साथ आबन्ध बनाने की क्षमता होती है | 

संतृप्त और असंतृप्त कार्बन यौगिक

जिन कार्बन यौगिकों के कार्बन परमाणुओं के बीच  एकल आबंध  होता है उन्हे संतृप्त यौगिक कहते हैं |

उदाहरण :-

जिन कार्बन यौगिकों के कार्बन परमाणुओं के बीच  द्वि या त्रि – आबंध  होता है उन्हे असंतृप्त यौगिक

 कहते है | उदाहरण :-

एलकेन :- जिन कार्बन यौगिकों के कार्बन परमाणुओं के बीच  एकल आबंध  होता है उन्हे संतृप्त यौगिक  या एल्केन  कहते हैं |

उदाहरण  :- CH3-CH3, CH3-CH2-CH3

सामान्य सूत्र

C_(n  )+H_(2n+2)

 एल्कीन :- जिन कार्बन यौगिकों के कार्बन परमाणुओं के बीच द्वि आबंध  होता है उन्हे असंतृप्त यौगिक या एल्कीन  कहते है |

 उदाहरण     CH2=CH2,  CH3- CH=CH2

सामान्य सूत्र

C_(n  )+H_2n

एल्काइन :- जिन कार्बन यौगिकों के कार्बन परमाणुओं के बीच  त्रि – आबंध  होता है उन्हे असंतृप्त यौगिक या एल्काइन

 कहते है |

उदाहरण :-   CH -= CH

सामान्य सूत्र

C_(n  )+H_(2n-2)

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