रासायनिक अभिक्रिया एवं समीकरण

रासायनिक अभिक्रिया :-  ऐसी अभिक्रिया जिनमें नई पदार्थों का निर्माण होता है रासायनिक अभिक्रिया कहलाती है |

अभिकारक :-ऐसे पदार्थ जो रासायनिक अभिक्रिया में हिस्सा लेते हैं अभिकारक कहलाते हैं |

उत्पाद :-  ऐसे पदार्थ जिनका निर्माण रासायनिक अभिक्रिया में होता है, उत्पाद कहलाते  है |

 रासायनिक समीकरण:-

                             2 Mg   +  O2       ——–>                          2MgO

                                   बायें ओर  अभिकारक और   दाएं  ओर  उत्पाद  होता है  |

 संतुलित रासायनिक समीकरण का महत्व

द्र्व्यमान के सरंक्षण के नियम के अनुसार “किसी भी रासायनिक अभिक्रिया में द्र्व्यमान का न तो निर्माण होता है और न ही विनाश |” अभिकारकों और उत्पादों का द्र्व्यमान एक समान करने के लिय रासायनिक  समीकरण को संतुलित करना आवश्यक है |

उदाहरण :-  

              N2  +  H2    ————>      NH3   (असंतुलित)

               N2    +  3H2     ————->    2NH3 (सतुलित)

रासायनिक समीकरण को संतुलित करना , सीखने के लिय दिये गए लिंक पर क्लिक करें  https://youtu.be/8i6Sv211_38

रासायनिक अभिक्रिया के प्रकार

1.  संयोजन अभिक्रिया

2.  वियोजन( विघटन) अभिक्रिया

3विस्थापन अभिक्रिया

4विस्थापन अभिक्रिया

संयोजन अभिक्रिया:-

 जब दो या दो से अधिक पदार्थ  संयोग करके एकल उत्पाद का निर्माण करते हैं ऐसी अभिक्रिया को संयोजन अभिक्रिया कहते हैं |

उदाहरण :-

                      CaO  + CO2   ———->   CaCO3


 ऊष्माक्षेपी रासायनिक अभिक्रिया :-

 जिन अभिक्रिया में उत्पाद के निर्माण के साथ-साथ ऊष्मा भी उत्पन्न होती है उन्हें ऊष्माक्षेपी  रासायनिक अभिक्रिया कहते हैं | उदाहरण :-   1.प्राकृतिक गैस का दहन:- 

                          CH4  +  2O2     ———>  CO2    +  2 H2O + ऊर्जा

2.श्वसन :-  पाचन क्रिया के समय खाद्य पदार्थ छोटे-छोटे टुकड़ों में टूट जाते हैं |  जैसे चावल आलू तथा ब्रेड में कार्बोहाइड्रेट होता है इन कार्बोहाइड्रेट के टूटने से गुलकोज प्राप्त होता है यह गुलकोज हमारे शरीर की कोशिकाओं में उपस्थित ऑक्सीजन से मिलकर हमें ऊर्जा प्रदान करता है इसलिए श्वसन को ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया कहते हैं |

C6H12O6 + 6O2 + 6H2O   ———->    6CO2  + 12H2O + ऊर्जा

3 फलों और सब्जियों का विघटित होकर कंपोस्ट बनना भी  ऊष्माक्षेपी अभिक्रिया का ही उदाहरण है |

 वियोजन अभिक्रिया :-  

जब एकल अभिकारक टूट कर दो या दो से अधिक उत्पादों का निर्माण करते हैं ऐसी अभिक्रिया को  वियोजन (विघटन)  अभिक्रिया कहते हैं |

उदाहरण :-

                CaCO3     +    ऊष्मा  ———>    CO2  + CaO

 वियोजन अभिक्रिया के प्रकार

1. उष्मीय वियोजन वियोजन

2. विद्युतीय वियोजन

3. प्रकाशीय वियोजन

  • उष्मीय वियोजन वियोजन :-  ऊष्मा के द्वारा की गई वियोजन अभिक्रिया को उसमें वियोजन कहते हैं |

 उदाहरण :- 

 2 Pb(NO3)2 + ऊष्मा    ———>    2 PbO      +    4 NO2      +       O2

                                                                (भूरे रंग की गैस )

  • विद्युतीय वियोजन:-  विद्युत के द्वारा की गई वियोजन अभिक्रिया को विद्युत वियोजन कहते हैं

 उदाहरण :-      2H2O +   विद्युत  ——–>    2H2  +  O2

  • प्रकाशीय वियोजन :- सूर्य के प्रकाश के द्वारा की गई वियोजन अभिक्रिया को प्रकाशीय वियोजन कहते हैं

 उदाहरण :-  2AgCl +   सूर्य के प्रकाश   ———->   2Ag  +  Cl2

उष्माशोषी अभिक्रिया :-

जिन अभिक्रियाओं में अभिकारकों को तोड़ने के  लिए ऊष्मा अवशोषित होती है उन्हे ऊष्माशोषी अभिक्रिया कहते हैं |

 वियोजन अभिक्रिया में अभिकारकों को तोड़ने के  लिए ऊष्मा , प्रकाश व  विद्युत ऊर्जा की आवश्यकता होती है इसलिय ये भी वियोजन अभिक्रिया है |

 विस्थापन अभिक्रिया:-  

अधिक क्रियाशील तत्व, कम क्रियाशील तत्व को उसके यौगिक से विस्थापित कर देते हैं ऐसी अभिक्रिया को विस्थापन अभिक्रिया कहते हैं |

 उदाहरण :-          CuSO4  +  Zn  ———–>   ZnSO4  + Cu

सक्रियता श्रेणी :- सक्रियता श्रेणी वह सूची है जिसमें धातुयों की क्रियाशीलता को घटते क्रम में रखा जाता है |

द्विविस्थापन अभिक्रिया:-

 वे अभिक्रिया जिनमें में अभिकारकों  के बीच आयनों  का आदान-प्रदान होता है उन्हें द्विविस्थापन अभिक्रिया कहते हैं |

 उदाहरण :-  Na2SO4  + BaCl2  ———–> BaSO4    +    2NaCl

                                                                         (अवक्षेप)                                               

 अवक्षेपण अभिक्रिया :-   श्वेत रंग का एक पदार्थ जो जल में  अविलय होता है इस अविलय पदार्थ को अवक्षेप कहते हैं जिस अभिक्रिया में अवक्षेपण निर्माण होता है उसे अवक्षेपण अभिक्रिया कहते हैं |

उपचयन  :- अभिक्रिया के समय जब किसी पदार्थ में ऑक्सीजन की वृद्धि  या हाइड्रोजन का ह्रास  होता  है वह अभिक्रिया  उपचयन अभिक्रिया कहलाती है |

उदाहरण :-                     Cu  +  O2   ———>   2CuO

अपचय अभिक्रिया के समय जब किसी पदार्थ में ऑक्सीजन का ह्रास या हाइड्रोजन की वृद्धि होती है वह अभिक्रिया अपचयन कहलाती है |

 उदाहरण :-            CuO  +  H2                           Cu  +  H2O

अगर किसी रासायनिक अभिक्रिया में उपचयन है तो वहां पर अपचयन भी होगा |

रेडॉक्स अभिक्रिया  :- जिन अभिक्रिया में उपचयन और अपचयन दोनों पाए जाते हैं  वे अभिक्रियाएं रेडॉक्स अभिक्रियाएं  कहलाती  हैं |

 उदाहरण :-   :-          

                                 CuO  +  H2   ———-> Cu  +  H2O

संक्षारण :-  जब कोई धातु अपने आसपास अम्ल आर्द्रता आदि के संपर्क में आती है तब वह संक्षारित होती हैं और इस प्रक्रिया को संक्षारण कहते हैं |

  • लोहे के ऊपर भूरी परत
  • चांदी के ऊपर काली परत और
  • तांबे के ऊपर हरी  परत चढ़ना  संक्षारण के उदाहरण हैं |

विकृतगंधिता :-

वसायुक्त अथवा तैलीय  खाद्य सामग्री वायु में उपस्थित ऑक्सिजन के संपर्क में आने से यह उपचयित हो जाते हैं तब इनके स्वाद में, गंध में और रंग में कुछ परिवर्तन आ जाता है इसे ही विकृतगंधिता कहते हैं |

विकृतगंधिता  को रोकने के उपाय

  •  प्रति ऑक्सीकारक का उपयोग करके
  • खाद्य पदार्थों को हवा बंद डिब्बों में रख कर
  • चिप्स आदि की थैली में नाइट्रोजन गैस भरकर
  • खाद्य पदार्थों को ठंडे  स्थानों  पर रख कर

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